अनशन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अनशन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

पावक-गुलेल

लो खुला द्वार
मैंने उधार
माँगा चन्दा से चंद तेल
"दिविता से लो" कह टाल दिया
"मैं शीतल, वो पावक-गुलेल।"
पावक-गुलेल
लक्षित विचार
कृमि कागों का करती शिकार।
बरसाती रक्तिम गाल किये
कटु-कटु संवादों की कतार।
कर मुक्त भार
अनशन विचार
चढ़ती ऊपर फिर 'छंद-बेल'।
दर्शन लेने की करे क्रिया
पावक-गुलेल से हँसी खेल।

मंगलवार, 27 दिसंबर 2011

दर्शन लोकपाल

'अनशन' है आरम्भ हमारा
'प्राशन' बिलकुल नहीं कराओ.
जब तक दर्शन लोकपाल बिल
पास न होगा, पास न आओ.


दर्शन में भी भेदभाव हो
तो कैसा अनुराग बताओ?
कटु तिक्त अथवा कषाय हो
दर्शन लोकपाल बिल लाओ.