गुरुवार, 11 जून 2015

'योग दिवस' की तैयारी


कुछ देर किसी आसन में बैठ
कर 'योग दिवस' की तैयारी। 
'शम' भाव वपन मन शांत तपन 
अभ्यास अभी से है ज़ारी। 

ज्वर-वमन-अनिद्रा-जनन रोग 
अथवा अपान अति संचारी। 
है 'योग' मात्र निःशुल्क वैद्य 
संकोची का भी उपचारी।

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (12-06-2015) को "उलझे हुए शब्द-ज़रूरी तो नहीं" { चर्चा - 2004 } पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक